Sunday, December 23, 2018

डूबे जहाज़ में 225 साल तक पड़ी रही बीयर पीना चाहेंगे आप?

कहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया बीयर पर जीने वाला देश है. 18वीं सदी के आख़िर में जब पोर्ट जैक्सन बसा था तब लोग सिर्फ़ भोजन के लिए भूखे नहीं थे बल्कि शराब की नियमित सप्लाई भी चाहते थे.

पोर्ट जैक्सन के इर्द-गिर्द ही आधुनिक सिडनी शहर विकसित हुआ है.

1796 में औपनिवेशिक व्यापारिक कंपनी कैंपबेल एंड क्लार्क ने सिडनी कोव जहाज़ को अपने बेड़े में शामिल किया था और उसे भारत के कलकत्ता से पोर्ट जैक्सन के लिए रवाना किया था.

इस जहाज़ में एल, वाइन और स्पिरिट की पेटियां भरी थीं. इसमें अनाज और इमारती लकड़ी जैसे कुछ ज़रूरी सामान भी थे. यह जहाज कभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सका.

तस्मानिया के उत्तरी तट के पास प्रिज़र्वेशन आइलैंड के क़रीब यह जहाज़ डूब गया. चालक दल के लोग जो भी बचा सकते थे, उन्होंने बचाया.

225 साल बाद मैं तस्मानिया के लॉन्सेस्टन में 'क्वीन विक्टोरिया म्यूज़ियम एंड आर्ट गैलरी' में लगी सिडनी कोव के अवशेषों की प्रदर्शनी में खड़ी थी.

यह जहाज़ भले ही सिडनी तक पहुंचने में नाकाम रहा लेकिन इसमें रखी बीयर समुद्र के बर्फीले पानी में क़रीब दो सदियों तक सुरक्षित रही.

1990 के दशक में ऑस्ट्रेलिया के मरीन आर्कियोलॉजिस्ट माइक नैश की अगुवाई में चले खोजी अभियान में इसे निकाला गया और लॉन्सेस्टन के म्यूज़ियम में संरक्षित किए जाने के लिए भेज दिया गया.

अब वह बीयर फिर से तैयार है. म्यूज़ियम और ऑस्ट्रेलियाई शराब कंपनी जेम्स स्क्वाइर ने साझेदारी करके उस बीयर को फिर से बनाया है.

ख़मीर का खेल

साल 2015 में म्यूज़ियम के संरक्षक डेविड थुर्रोगुड को स्टोर रूम में रखे मलबे के संग्रह में 26 बोतलें मिली थीं. यही वह जगह है जहां मैं उनसे मिली थी.

स्टोर म्यूजियम के पीछे बना है. आधुनिक तकनीक से बनाए गए स्टोर में ऐतिहासिक संग्रह, जहाज़ के टुकड़े और उसके सामान को सफ़ेद अलमारियों पर रखा गया है.

थुर्रोगुड ने एक छोटे बक्से से बड़ी ही सावधानी से एक बोतल निकाली. उसकी सतह अपारदर्शी थी और उस पर मिट्टी लगी थी.

पत्रकारिता और केमिस्ट्री में डिग्री रखने वाले थुर्रोगुड ने बोतलों को देखने के बाद सोचा कि उनमें रखी बीयर औद्योगिक क्रांति से पहले के लोगों के रोज़मर्रा के खान-पान का प्रतिनिधित्व करती है.

अगर उसके अंदर का खमीर अभी ज़िंदा है तो इसे फिर से बनाया जा सकता है.

थुर्रोगुड को पता था कि सवा दो सौ साल पुराने खमीर से बीयर बनाने पर दुनिया भर में सुर्खियां मिलेंगी. म्यूज़ियम की फंडिंग पिछले कुछ दशकों से कम हो रही थी. ऐसे में लोगों का ध्यान खींचना बहुत अहम था.

जब हम उनके दफ़्तर में बैठे तो थुर्रोगुड ने शेल्फ से पारदर्शी कांच की नई बीयर बोतल निकाली. बोतल के अंदर जाना-पहचाना सुनहरे रंग का लिक्विड था. थुर्रोगुड ने अचानक उसे थोड़ा हिला दिया तो झाग उठ आया.

यह जहाज के मलबे से निकाली गई असली बीयर थी, जिसे म्यूज़ियम के कंज़र्वेशन डिपार्टमेंट में फिर से कल्चर किया गया था. यह साबित हो रहा था कि उसका ख़मीर अभी ज़िंदा है.

ख़मीर से ब्रेड भी बनता है. म्यूजियम के कंज़र्वेशन डिपार्टमेंट के वर्कशॉप में थुर्रोगुड एक चेस्ट फ्रीज़र के पास रुके. उन्होंने उसका ढक्कन उठाया और अंदर से तीन पावरोटियां निकालीं.

इन्हें जहाज़ में मिली बीयर के ख़मीर से बनाया गया था. उन्होंने एक पावरोटी मुझे दी. वह भारी और परतदार थी और उससे आटे की हल्की सी गंध आ रही थी.

Wednesday, December 12, 2018

俄国总统普京80年代在前东德特工证件曝光

俄罗斯总统普京曾使用过的一张前东德国安部门特工证件,近日在德国城市德累斯顿(Dresden)的斯塔西(Stasi)秘密警察档案中被发现。

斯塔西是德国统一前民主德国(即东德)的国家安全机构,普京当时是一名苏联间谍。

普京曾对他上世纪80年代在德累斯顿担任苏共情报机构克格勃一员的经历表示自豪。

当研究人员近期对克格勃和斯塔西这两大情报机构的合作进行研究时,发现了这一证件。

1985年,普京成为一名克格勃少校,这让他有机会访问斯塔西的设施,但他可能没有对后者进行监视。

斯塔西档案局(BStU)在周二的声明中解释道,普京“得到了通行证,以便他能与斯塔西就他在克格勃的工作展开合作”。

作为东德的国安机构,斯塔西曾因对普通公民的密切监视而声名狼藉。在当时,很多普通公民被迫互相监视。

但斯塔西档案局的声明称:“目前的研究没有显示普京曾为东德国安部门工作。”

普京出生于前苏联列宁格勒(现圣彼得堡)。他在1985年被派往东德,那一年他33岁。他的两个女儿就是在此期间出生的。现在,普京已66岁。

普京一直在德累斯顿为克格勃效力直到1989年12月。那一年,共产党统治下东德政权在大规模民主抗议中垮台。

如印戳所显示,普京的斯塔西通行证每三个月更新一次。目前尚不清楚他为何将通行证留在德累斯顿的斯塔西档案中。

1989年12月5日,他目睹了抗议者占领德累斯顿的斯塔西总部,共产主义安全部队险些向他们开火。

当时,欢欣鼓舞的东柏林人已在11月冲破了柏林墙。

普京的德语很流利。他曾表示,当德累斯顿的人群包围克格勃大楼时,他亲自安抚了他们,并警告那是苏联领土。

在德累斯顿为克格勃效力期间,普京被提升为中校。

克里姆林宫网站称,1989年,东德曾授予他一枚铜牌,以表彰他“对国家人民军的忠诚服务”。

Sunday, December 9, 2018

सुंदरीकरण के नाम पर ढहा दिए गए सैकड़ों मंदिर, मस्जिद और मज़ार

रात को बारह बजे के बाद अचानक पीएसी की कई गाड़ियां आईं, अधिकारी आए, पुलिस वाले थे ही. एक पुलिसवाला हमारे पास आया और बोला कि माताजी चाबी हमें दे दीजिए. उन्होंने ये भी कहा कि हमें क्षमा कीजिएगा. तभी हम समझ गए कि कुछ गड़बड़ होने वाला है. हम लोग भी मंदिर की ओर जाने लगे, लेकिन पुलिसवाले ज़बर्दस्ती रोक दिए. बुलडोज़र लगा कर सैकड़ों साल पुराना मंदिर प्रशासन ने गिरा दिया."

कुस्मावती साहू छह महीने पहले की इस घटना को बताते-बताते रो पड़ती हैं. प्रयागराज के बैरहना मोहल्ले में अपनी छोटी सी किराने की दुकान के बाहर कुछ लोगों के साथ बैठी थीं.

कहने लगीं, "सालों से हम उस मंदिर की साफ़-सफ़ाई से लेकर पूजा-अर्चना, कीर्तन, जागरण, भंडारा कराते आ रहे हैं. मोहल्ले के सभी लोग और बाहर से भी तमाम लोग यहां दर्शन करने आते थे. हम लोगों ने अधिकारियों और पुलिसवालों से कितनी विनती की, लेकिन वो लोग ज़रा भी रहम नहीं खाए."

बैरहना चौराहा प्रयागराज शहर के काफ़ी पुराने और व्यस्त चौराहों में से एक है. चौराहे से एक सड़क मेला क्षेत्र की ओर जाती है और बाक़ी तीन सड़कें शहर के अलग-अलग हिस्सों की ओर. इसी चौराहे के एक कोने पर काली देवी का एक प्राचीन मंदिर था जिसे इसी साल जून महीने में प्रशासन ने गिरा दिया.

अब वहां मंदिर की निशानी के नाम पर सिर्फ़ पीपल का पेड़ बचा है, वो भी कब तक रहेगा, पता नहीं. मंदिर को तोड़कर वो जगह सड़क के हवाले कर दी गई. सड़क भी चौड़ी हो गई, पूरा चौराहा भी चौड़ा हो गया, चौराहे के सुंदरीकरण का काम तेज़ी से चल रहा है लेकिन मोहल्ले वालों के मुताबिक़, उनके मोहल्ले की पहचान चली गई.

बुज़ुर्गों का दर्द
बैरहना के ही रहने वाले सत्तर साल के बुज़ुर्ग राम कुमार कहते हैं, "हमारे दादा जी के बचपन से ये मंदिर था. आप समझ सकते हैं कि कितना पुराना रहा होगा. चालीस साल तो हमारे दादा जी को दिवंगत हुए ही हो गए. बैरहना ही नहीं, बल्कि शहर के प्राचीन और सिद्ध मंदिरों में से एक था ये."

प्रयागराज में स्मार्ट सिटी योजना और अगले साल जनवरी से शुरू होने वाले कुंभ मेले की वजह से पूरे शहर में सुंदरीकरण का काम हो रहा है. इसके लिए सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है और उसी क्रम में सड़कों के किनारे आने वाले पेड़ों और मकानों के अलावा मंदिर, मस्जिद और मज़ार भी तोड़े जा रहे हैं. तेलियरगंज, बैरहना, दारागंज, सिविल लाइंस, हिम्मतगंज, ख़ुल्दाबाद समेत मुख्य मार्गों पर स्थित शायद ही कोई मोहल्ला हो जहां धर्म स्थल न ढहाए गए हों.

इनकी संख्या क्या है? प्रशासन और इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के पास कोई पुख़्ता आंकड़ा नहीं है, लेकिन शहर के लोगों की मानें तो इनकी संख्या सैकड़ों में है और ज़िले के अधिकारी भी अनाधिकारिक रूप से इस संख्या को ढाई सौ के आस-पास बताते हैं.

Thursday, November 8, 2018

世界“食”力助阵进博会

 这位曾获得“欧洲年度主厨”称号的名厨是欧盟为参展本次进博会特别邀请来的,厨艺秀现场因此很早就排起了等待品尝美食的队伍。

  “我们请来了欧洲星级名厨,还带来了高品质保证的食材,希望更多人品尝到正宗的‘欧洲味道’。”欧盟委员会卫生和食品安全委员维特尼斯·安德留凯伊提斯亲自为欧盟展位“站台”。

一直以来,欧盟生产的食品因其高品质、多样性及安全性受到市场广泛认可,也为消费者带来独特的美食体验。本次进博会,包括意大利帕尔玛火腿、法国高端红酒、德国啤酒、西班牙橙汁在内的各色地道欧洲美食饮品无一例外地出现在了欧盟展位中。

  “我们展示的产品很全面,因为中国消费市场近年有很好的发展,我们看到了在乳制品、肉制品方面的很多机会。”维特尼斯对中新社记者表示,“14亿消费者这个数字超乎想象,绝对令人印象深刻!”

在进博会食品及农产品展区,随处可见人气美食。北海道冰淇淋两小时已脱销,西班牙的定制火腿引发众人大排长队,澳大利亚水产品展区的鲜活龙虾和皇帝蟹受到采购商驻足围观。这个“舌尖”上的展区,为进博会绘制了一份独特的“美食地图”。

  “从北边的北海道到南边的冲绳,我们总共带来109家食品企业,其中有20家企业首次进入中国市场。”日本贸易振兴机构农林水产及食品部长高桥和宏说,“中国的市场非常大,我们非常期待能够将日本好吃的食品带到中国来。”

  “以进博会平台为依托,这片开放的土地孕育着更多的机会和潜力。”爱氏晨曦(Arla)中国区总裁刘新为也向记者表达了相似观点。“作为全球最大的有机奶供应商,Arla将在中国市场首发新包装的有机奶,并推出更多适合中国市场的产品,不断深挖中国市场的潜力。”

  “牛肉产自爱尔兰,洋葱来自法国。”在展区中央,厨师指着手中一份刚做好的洋葱煎牛排说。在各国食品展位,很多展商都打出了“原产地”“纯天然”“无污染”等口号,食材的高品质和安全性成为各家极力推荐的卖点。

  “这些展商释放的信号是希望能提供更多健康的产品,特别是有地理标识、非常正宗的产品,中国消费者有这方面的要求和需求。”维特尼斯说。

Thursday, November 1, 2018

BCCI ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से कहा- फूड मेन्यू से बीफ हटाएं

ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से भारतीय टीम के फूड मेन्यू से बीफ हटाने के लिए कहा है. अहमदाबाद मिरर के मुताबिक दो हफ्ते पहले ऑस्ट्रेलिया गई बीसीसीआई की दो लोगों की टीम ने मेन्यू से बीफ हटाने की सिफारिश की. इसके लिए दोनों बोर्डों के बीच समझौता ज्ञापन में एक क्लॉज शामिल करने का भी अनुरोध किया गया है.

निरीक्षण दल ने ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड से यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि मेन्यू में अधिक से अधिक शाकाहारी विकल्प उपलब्ध कराए जाएं और पर्याप्त फल भी परोसे जाएं. उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को भारतीय डिश खिलाने को कहा है.

सूत्रों के हवाले से अहमदाबाद मिरर ने लिखा है, 'खिलाड़ी अक्सर ऑस्ट्रेलिया में भोजन को लेकर शिकायत करते हैं. टीम में कुछ शाकाहारी हैं, जो वास्तव में मैदान पर संघर्ष करते हैं. निरीक्षण टीम ने ऑस्ट्रेलिया में एक भारतीय रेस्तरां में देख रखा है, जो भारतीय खिलाड़ियों के लिए 'करी' बनाएगा.

दरअसल, अगस्त में इंग्लैंड दौरे के दौरान लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन बीसीसीआई ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से भारतीय टीम के लंच का पूरा मेन्यू ट्वीट किया था. इस लंच मेन्यू में एक डिश ऐसी थी, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर टीम इंडिया की जमकर खिंचाई हो हुई थी. इस डिश का नाम 'ब्रेज़्ड बीफ पास्ता' है.

गौरतलब है कि भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 21 नवंबर से शुरू हो रहा है, जो अगले साल 18 जनवरी तक चलेगा. इस दौरान भारतीय टीम कंगारुओं के खिलाफ तीन टी-20, 4 टेस्ट और तीन वनडे मुकाबलों की सीरीज खेलेगी.

देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का बुधवार को अनावरण हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इसे देश को समर्पित किया. इस कार्यक्रम में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता तो नहीं नज़र आया, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोल दिया.

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ''सरदार पटेल की मूर्ति का अनावरण होना तो ठीक है, लेकिन उनके द्वारा बनाए गए संस्थानों को नष्ट किया जा रहा है. देश के संस्थानों को इस प्रकार नष्ट किया जाना किसी राजद्रोह से कम नहीं है.'' राहुल ने इस ट्वीट के साथ का भी इस्तेमाल किया.

कांग्रेस ने लगाया विरासत हथियाने का आरोप

गौरतलब है कि कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर कांग्रेस की विरासत को हथियाने का आरोप लगाती रही है. बुधवार को भी मूर्ति के अनावरण से पहले कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि पटेल कांग्रेस के बड़े नेता थे, अब बीजेपी उन्हें अपना बनाने की कोशिश कर रही है.

राहुल ने सुबह ही किया याद

बता दें कि आज सरदार पटेल की जयंती भी है, तो वहीं इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि भी है. राहुल ने बुधवार सुबह ही सरदार पटेल को याद करते हुए ट्वीट किया था. राहुल ने लिखा था कि सरदार पटेल एक देशभक्त थे, जिन्होंने आजाद, एकजुट और सेक्युलर भारत की कल्पना की. उन्होंने लिखा कि सरदार पटेल एक ऐसे कांग्रेसी थे, जो सांप्रदायिकता को बर्दाश्त नहीं करते थे.

मोदी ने किया कांग्रेस पर हमला

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मूर्ति का अनावरण करने के बाद बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधा था. पीएम मोदी ने कहा कि देश में कुछ लोग हैं जो हमारी इस मुहिम को राजनीति के चश्मे से देख रहे हैं, देश के सपूतों की प्रशंसा करने के लिए हमारी आलोचना की जाती है. जैसे हमने कोई बहुत बड़ा अपराध कर दिया हो, हमारी कोशिश है कि भारत के हर राज्य को सरदार पटेल के विजन को आगे बढ़ाने में कोशिश करनी चाहिए.